
शिमला। इंदिरा आवास योजना में लगातार मिल रही गफलत की शिकायताें पर केंद्र सरकार सख्त हो गई है। केंद्र ने अब ऐसे मामलों की कार्रवाई की रिपोर्ट तैयार कर भेजने की टाइमलाइन तय कर दी है। तीन माह के भीतर ऐसी शिकायतों को निपटाकर इनके बारे में केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय को भी बताना होगा। केंद्रीय मंत्रालय ने नए प्रोसीजर पर हिमाचल सरकार से सुझाव मांगे हैं।
प्रोसीजर ड्राफ्ट में कहा गया है कि मंत्रालय को ऐसी शिकायतें मिलते ही इन्हें 15 दिन के भीतर राज्य को भेज दिया जाएगा। राज्य को सामान्य शिकायतों पर तीन माह और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों पर एक माह के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट भेजनी होगी।
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के उप सचिव बीसी बहेड़ा की ओर से 25 नवंबर 2013 को हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास सचिव को लिखे पत्र (नंबर: जे-12025/1/2013-आरएच(ए/सी)) के अनुसार इंदिरा आवास योजना को लागू करने को लेकर नई गाइडलाइंस भेजी गई हैं। इसे इसी वित्त वर्ष में ही लागू किया जाना है। इनमें कहा गया है कि बड़ी संख्या मे इस योजना को लागू करने को लेकर शिकायतें मिली हैं। ये विभिन्न तिमाहिय में प्राप्त की गई हैं। कई मामलों में राज्य सरकार, डीआरडीए और जिला परिषदों की ओर से समय पर उचित कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसीलिए इंदिरा आवास योजना में गड़बड़ी और अनियमितताओं के मामले में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर जारी नहीं किए जा रहे हैं। इसके लिए केंद्रीय मंत्रालय ने एक प्रोसीजर ड्राफ्ट हिमाचल सरकार को भेजा है। इस पर चार दिसंबर से पूर्व सुझाव मांगे हैं।
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सचिव की अध्यक्षता में शिकायत सैल बनेगा
प्रोसीजर ड्राफ्ट के अनुसार इंदिरा आवास योजना की शिकायतों के निपटारे को राज्य सरकार के सचिव की अध्यक्षता में शिकायत सैल बनेगा। यह सैल जहां इंदिरा आवास योजना की शिकायतों को देखेंगी, वहीं केंद्र सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की अन्य योजनाओं को भी लागू करेगी।
